कोतवाल की बैठक में नही पहुंचे क्षेत्रीय पत्रकार
लखनऊ जिले के पुलिस अधिकारी भले ही थानोदारों को इस नसीहत के साथ थाने के कमान सौंपी हो कि थानेदार इलाके के संभ्रान्त व्यक्तियों,प्रधानों, पत्रकारों के साथ ही जनता के साथ बैठक कर इलाकी की भौगोलिक स्थिति को जानकार अच्छे से थानेदारी करे। इसके लिए रविवार को पहली बैठक इस्पेक्टर ने निगोहां के पत्रकारों के साथ रखी ।किंतु इस बैठक में एक दो को के अलावा कोई भी स्थानीय पत्रकार नही पहुंचा। क्षेत्रीय पत्रकार आखिर इस बैठक में क्यों नही पहुंचे इसका कारण स्पष्ट नही हो सका है। बैठक में स्थानीय पत्रकारों के अलावा दूसरी जगह के पत्रकार निगोहां थाने पहुंचे और थाने का पुलिस महकमा बैठक की फर्ज अदायगी करते हुए उसके साथ फोटो खिचवाने से भी पीछे नही हटा। कैमरे के सामने तड़क भड़क दिखाकर शाम की गश्ती के वीडियो बनवाई गयी, जबकि गश्त की हकीकत ही कुछ और है। गश्ती के नाम पर भी रोजाना निगोहां पुलिस सिर्फ 200 मीटर तक गश्त करती है। वह गश्त निगोहां थाने से चलकर स्टेशन पुलिया से मुड़कर चली आती है। पूरे कस्बे में कभी भी गश्त नही होती है। इस बात को लेकर भी व्यापारियों में काफी रोष है। निगोहां कस्बा के एक होटल व्यवसायी ने बताया कि रोजाना गश्त उनके होटल के सामने पहुंचती है और वहां पर खड़ी हुई गाडियों की फोटो खींचकर चली जाती है। जैसे ही गाड़ियों की फोटो खींची जाती है वैसे ही उनके होटल के ग्राहक चालन होने के डर से मौके से भाग जाते है। हलांकि इस दुकानदार ने पूरे मामलें की शिकायत भी पुलिस के बड़े अधिकारियों से प्रार्थना पत्र भेजकर की है।