रायबरेली बछरावां क्षेत्र की ग्राम हसनगंज नियर पानी की टंकी के पास हजरत मौलवी मोहम्मद अली अहमद कादरी के दौलत खाने पे 6 सफर 1441 हिजरी 6 अक्टूबर दिन शनिवार को बाद नमाज ईशा सालाना फातिहा जश्ने ईद मिलादुन्नबी सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम (इन इकाद) मनाया गया जिसमें कुरबू जवार ओलमा वहोफाजे इकराम ने शिरकत की और सारे ओलमा इकराम अजमते वालिदायन के उलमान पे खिताब हुआ सभी ओलमाओ ने मोहतरमा मरहूमा फरीदा खातून के बारे में रब से उनको जन्नत में अच्छा मुकाम पाने की दुआ की क्योंकि फरीदा खातून एक अच्छी और परहेज गार बीवी थी उन्होंने कभी किसी से गाली और लड़ाई झगड़ा नहीं किया वह हमेशा ही अपने रब में मशगूल रहती थी और रब की राह में नमाजे अदा करती रहती थी उनका अपने रब से बहुत ज्यादा लगाव था वह अपने बच्चों को भी रोजा नमाज और रब की राह में परहेज गार बनने के लिए कहा करती थी तभी तो आज फरीदा खातून का बेटा रब की राह में लोगों की सेवा कर रहा है और लोगों को अच्छी तालीम और रब की राह पर चलने के लिए कहता रहता है यह सब उनकी मां मरहूमा फरीदा खातून का ही असर है इसके बाद आखिरी तकरीर मुफ्ती मौलाना मोहम्मद सखावत अली मंजरी (हसनगंज रायबरेली) का भी एक उम्दा बयान अजमते वालिदायन के हवाले से हुआ मुफ्ती मौलाना मोहम्मद सखावत अली मंजरी ने अपनी तकरीर के दरमियान यह बताया कि दुनिया वा आखिरत में कामयाबी का राज मां बाप की खिदमत करने में है मुफ्ती साहब ने बताया कि हमारी मां हम लोगों को रब के बारे में हम लोगों को हमेशा ही बताया करती थी की सिर्फ रब के आगे ही सर झुकाए क्योंकि देने वाला ही रब है और लेने वाला भी रब है इसलिए हमेशा अपनी रब की राह में कुर्बानियां देते रहो और अपनी रब की इबादत करते रहो आज हमारी मां की ही देन है कि हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं इसमें हमारी मां का बहुत बड़ा हाथ था जो आज रब की सेवा करने का मौका मिला है और दीन को फैला रहे हैं अपनी मां के बारे में बयान करते करते मुफ्ती साहब की आंखों से आंसू बहने लगे यह देख मिलाद में बैठे लोगों के आंखों में आंसू आ गए मुफ्ती साहब ने बताया कि हर सभी को अपने मां बाप की सेवा करनी चाहिए और अजमते वालिदायन के हवाले से और भी बातें बताई बादहो सलातो सलाम हुआ और फातहा खानी हुई जिसमें आसपास और दूर-दराज के लोगों ने शिरकत की इस मौके पर हाफिज मोहम्मद उस्मान मदरसा कादरिया रजा ए मुस्तफा, मोहम्मद अकरम कुरैशी, मोहम्मद मुन्ना, मोहम्मद कमर, मोहम्मद राहत, मोहम्मद अमानत कादरी, रिजाउल मुस्तफा, फरियाद कुंडौली, अल्ताफ दोस्तपुर, मोहम्मद ताहिर नेता, मोहम्मद अल्ताफ दोस्तपुर, मोहम्मद शफीक कानपुर, मोहम्मद मेराज, इसरार खान, मोहम्मद आरिफ खान नंदौली आदि बहुत से लोगों ने इसमें शिरकत किया।